Yahi hai, Teri Aukaat, Best Akad Shayari {2020}
Yahi hai teri Aukaat

Yahi hai, Teri Aukaat, Best Akad Shayari {2020}

ना ख्याल तेरा, ना चाहत तेरी तू भाड़ में जा… यही औकात है तेरी।

बुरे हम कल भी नहीं थे… और अच्छे हम आज भी नहीं है।

नहीं बदल सकते हम खुदको औरो के हिसाब से, एक लिबास मुझे भी दिया है, खुदा ने अपने हिसाब दे…!!

मुझपे आती है तो मै छोड़ देता हु… मगर मेरे भाई पर आये तो मै तोड़ देता हु…!!

दोस्त बनो, दुश्मन बनो, पर किसी का चमचा मत बनो…!!

ये दुनिया है मेरे दोस्त, यहाँ जोड़ने वाले भी मिलेंगे, और तोड़ने वाले भी मिलेंगे।

जिंदगी उसी के साथ खेलती है जो टक्कर का खिलाड़ी हो…!!

दूसरा मौका सिर्फ कहानियां देती हैं हम नहीं।

हमदर्द नहीं बन सकते तो #Bhosdwale सर दर्द भी मत बनो…!!

वक्त के अनुसार सिर्फ आदत बदल ली है मैंने, वार्ना बुरे कल भी नहीं थे अच्छे आज भी नहीं है…

Yahi hai teri Aukaat
Yahi hai teri Aukaat

मैं चुप हूं कुछ वजह है, जिस दिन बारस जाऊंगा उस दिन तरस भी नहीं खाऊंगा।

तूफान में कश्ती या और घमंड में हस्तियां अक्सर डूब जाए करती है…!!

जवाब ऐसा दो कि फिर किसी के मन में सवाल ना आए…!

Block जैसी हरकत तो बच्चे करते है, मैं तो सीधा #Nazar Andaz करके #नज़रो से गिरा देता हु…!

Leave a Reply

Close Menu
%d bloggers like this: